Woman injured in fire incident in Shimla

Shimla

In a fire incident a woman was seriously injured when the LPG cylinder caught fire in Sanjauli area of the capital town of Shimla here on Friday evening. According to police the incident happened on the sixth floor of Laxmi Niwas in the evening hours and the fire brigade was rushed to the spot to extinguish the fire. With in the few minutes after catching fire the cylinder got blasted and the people on the seventh floor also engulfed in the fire. With the help of the fire brigade the people living on the seventh floor were rescued safely. According to police the badly injured women was rushed to Indira Gandhi Medical College and a loss of around Rs. 30 lakks have been reported to the property.

ENDS

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट देर से आंरभ होन पर लगेगा जुर्माना धूमल

शिमला, 29 मार्च ।
हिमाचल प्रदेष में लग रहे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समय पर आरंभ नहीं करने पर संबंधित प्रोजेक्ट को को जुर्माना भरना पड़ेगा। प्रोजेक्ट को एक्सटेंसन के लिए प्रति मैगवाट 10 हजार रूपये की राषि भरनी होगी। प्रदेश सरकार प्राजेक्टों में लेटलतीफी के लिए कोई समझौता नहीं करेगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आज विधायक रूप सिंह के सवाल के उतर में प्रश्लकरल के दौरान सदन को दी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट अॅलाट होने के बावजूद भी देरी से कार्य आरंभ करने से होने वाले नुक्सान से बचने के लिए सरकार ने मापदंड तय किए हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सदन को बताया कि राज्य में अभी तक 7 हजार मेगावाट विद्युत क्षमता का दोहन कर लिया गया है। उन्होने बताया कि इस साल बिजली वेचने से लगभग एक हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
धूमल ने बताया कि राज्य में कुल 12798 मैगावाट की विद्युत परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिन्हें 13वीं पंचवर्षीय योजना के अन्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं से राज्य को 16270 मिलियन यूनिट मुफल बिजली प्राप्त होगी। जिससे वर्तमान औसतन दरों के हिसाव से 4393 करोड़ रूपयों का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा अनुमानित है।

सुंदरनगर के विधायक रूप सिंह ने कोल डैंम का काम धीमी गति से होने का मामला सदन में उठाया। इस पर धूमल ने बताया कि वन एवं पर्यावरण विभाग की पाबंदी के कारण इस प्रोजेक्ट के काम में देरी आई है। उन्होंने बताया कि कोल डैम के संबंध में सरकार एनटीपीसी से बात करेगी। धूमल ने अपै्रल 2013 तक कौल डैम के कार्य को शुरू करवाए जाने का आवश्वासन दिया।

एक अन्य प्रश्न के उतर में मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल में गत वर्षों में किए गए विकास के कार्यों की विश्व बैंक ने सराहनी की है। विश्व बैंक को हिमाचल ने पर्यावरण विकास, पर्यटन, जलविद्युत और ग्रामीण विकास के लिए 100 करोड़ रूपये का एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है। इस बारे शीघ्र ही केंद्रीय वित मंत्री और विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

विधायक दिले राम के सवाल के उतर में धूमल ने बताया कि गत तीन सालों के दौरान 2 और 5 मैगावाट क्षमता तक की कुल 247 लघु जल विद्युत परियोजएं 183 हिमाचलियों को दी गई हैं।

विधायक कुलदीप पठानिया के प्रश्न के उतर में ग्राम विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि चंबा में 59 सड़कों का निर्माण हुआ है, इसमें 48 सड़कों का निर्माण कार्य वन विभाग और 11 लोकनिर्माण विभाग ने किया है। वन विभाग के अधीन निर्मित 48 सड़कों में से 27 सड़कें बर्फबारी व भारी बरसात के चलते क्षतिग्रस्त हैं। वन विभाग द्वारा बनाई जा रही सड़कों की मेंटनेंस का कार्य मनरेगा और अन्य विभागीय स्कीमों द्वारा किया जा रहा है।

विधायक बाल कृष्ण चौहान के सवाल के उतर में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रविंद्र रवि ने बताया कि चंबा विधानसभा क्षेत्र की सूखाग्रस्त पंचायतों उटीप, लुडडु, बाट और बैली के लिए 22 फरवरी को 13,39,58,735 रूपये की योजना को तकनीकी मंजूरी प्रदान की गई है। इस योजना के लिए अप्रैल माह में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

महात्मा गांधी सुपर थर्मल पॉवर क परियोजना सफलतापूर्वक सिंक्रोनाईजेशन

महात्मा गांधी सुपर थर्मल पॉवर परियोजना, खानपुर, झज्जर की 660 मेगावाट की दूसरी इकाई का आज प्रातः 7ः13 बजे ग्रीड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाईजेशन किया गया, जिससे प्रदेश की कुल प्रस्थापित उत्पादन क्षमता बढ़कर 5050.5 मेगावाट हो गई है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की विस्तृत जानकारी देते हुए बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि हरियाणा में चालू की जाने वाली 660 मेगावाट की यह दूसरी इकाई है, जो कि अत्याधुनिक सुपर क्रिटीक्ल प्रौद्योगिकी पर आधारित है। सुपर क्रिटीक्ल प्रौद्योगिकी बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि यह अत्यंत सक्षम है, इसमें ईंधन की खपत एवं उत्सर्जन कम होता है और यह ग्रीड की आवश्यकताओं अनुसार तुरन्त कार्य कार्य करती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने 10 जनवरी, 2009 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी और इसकी 660 मेगावाट की पहली इकाई का ठीक 36 महीने बाद 11 जनवरी, 2012 को सिंक्रोनाईजेशन किया गया।

परियोजना डैवेल्पर मैसर्ज सीएलपी पॉवर इंडिया प्राईवेट लिमिटेड को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वतंत्र बिजली उत्पादक द्वारा स्थापित यह पहली कोयला आधारित बिजली परियोजना भी है।

उन्होंने कहा कि इन दो इकाइयों से प्रदेश में रोजाना लगभग 270 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस इकाई के चालू हो जाने के साथ ही प्रदेश की कुल प्रस्थापित उत्पादन क्षमता 4390.5 मेगावाट से बढ़कर 5050.5 मेगावाट हो गई है।

हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लि0 के प्रबन्धक निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल ने परियोजना की पृष्ठभूमि बारे जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड को इस परियोजना की स्थापना के लिए नोडल एजेंसी मनोनित किया गया था। इस परियोजना के क्रियान्वयन में निगम ने एक विशेष परपस व्हीकल ‘झज्जर पॉवर लि0’ का सहयोग लिया। निगम द्वारा केन्द्रीय बिजली मंत्रालय के केस-॥ मैकेनिज्म के तहत बिजली दर आधारित प्रतिस्पृद्घी निविदा प्रक्रिया अपनाकर सीएलपी पॉवर इंडिया प्रा0 लि0 को इस परियोजना का कार्य सौंपा गया और यह परियोजना इस मैकेनिज्म के तहत निर्धारित समय में शुरू होने वाली देश की पहली परियोजनाओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा उपलब्ध करवाई गई अतिरिक्त बिजली के कारण  प्रदेश चालू वर्ष के दौरान रोजाना औसतन 986 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति करने में सक्षम रहा है, जबकि गतवर्ष 885 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई, जो कि लगभग 12 प्रतिशत की बृद्घि दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ताप बिजली परियोजना, खेदड़ की 600 मेगावाट की दूसरी इकाई में शीघ्र ही उत्पादन शुरू होने की संभावना है और निगम प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पृथ्वी दिवस पर धूमल ने किया हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ

शिमला, 29 मार्च।
मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने गुरूवार को शिमला में पृथ्वी दिवस के अवसर पर लोगों से ‘अर्थ आवर’ मनाने की अपील करने के साथ हस्ताक्षर अभियान का शुभारम्भ किया। इसके लिए वर्ल्ड वाईल्ड लाईफ फंड द्वारा 31 मार्च, 2012 को सायं 8.30 बजे से 9.30 के मध्य घर की सभी बत्तियां बंद करने का आग्रह किया गया है ताकि पर्यावरण के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्व स्तरीय अभियान उस समय आरम्भ हो, जब समूचा विश्व पृथ्वी दिवस मना रहा हो।

राज्य स्तरीय समारोह वर्ल्ड वाईल्ड लाईफ फंड द्वारा राज्य विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के अभियान केवल समारोह ही बन कर ही नहीं रह जाने चाहिए, अपितु सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक बनाया जाए ताकि सभी जीव-जन्तु सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण के क्षेत्र में कई खतरे उभर कर सामने आ रहे हैं, जिनके साथ व्यक्तिगत आदतों को अनुशासित कर ही निपटा जा सकता है। पृथ्वी की सुरक्षा आज सर्वोच्च प्राथमिकता बन कर उभरी है।

वन मंत्री खिमी राम शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एस. रॉय, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव अरूण शर्मा, प्रधान अरण्यपाल आर.के. गुप्ता, सचिव पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण नगीन नंदा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

हिंसा व तोड़फोड़ रहित राजनैतिक आधार के मामले होंगे वापिस

शिमला, 29 मार्च
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष द्वारा पुलिस व सबंधित संगठनों पर लाए गए कटौती प्रस्ताव का जवाव देते हुए मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सदन में बताया कि प्रदेश में राजनैतिक आधार पर कोई भी मामला दर्ज नहीं किय गया है। धूमल ने कहा कि जंहा भी धरना प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें कोई भी हिंसा नहीं हुई है या फिर किसी प्रकार की सम्पति को नुक्सान नहीं पहुंचा है। उन मामले में अगर कोई मामला दर्ज है तो वह बापिस लिया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह के सीडी मामले पर वोलते हुए धूमलन कहा कि उस मामले में उस समय में कांग्रेस सरकार के ही एक विधायक न्यायालय लेकर गए थे। उन्होने कहा कि खुद पूर्व मुख्यमंत्री भी न्यायालय गए थे कि उनके खिलाफ जो सीडी जारी हुई थी उसके प्रचार पर 2007 के विधानसभा चुनाव में रोक लगाई जाए। धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले में कोई हाथ नहीं है। हालांकि धूमल ने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनके पिछले कार्यकाल में कैसे कांग्रेस पार्टी की सरकार ने उनके कम्पयूटर की हार्ड डिस्क की चयन अधीन वोर्ड मामले को लेकर फ्रारैंसिक जांच करवाई थी। जबकि जांच के बाद उस मामले में तत्कालीन सरकार के हाथ कुछ भी नहीं लगा था।

धूमल ने बताया कि कटौती प्रस्ताव में विपक्ष के विधायकों ने पुलिस के पास जिन हथियारों के होने की मांग की थी, वह पुलिस के पास पहले से ही मौजूद हैं। उन्होने बताया कि राज्य में आनलाईन या फिर एसएमएस से एफ. आई. आर दर्ज करने का प्रावधान है। धूमल के कहा कि अब तक एस. एम. एस. के माध्यम से 60 मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस की वर्दी का रंग वदले जाने पर धूमल ने बताया कि इस मामले में सबंधित अधिकारी ने जो लिखा है उसकी जांच की जाएगी। अगर कोई अनियमिता पाई जाती है तो कार्यावाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में संगठित अपराध का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। धूमल ने कहा कि प्रदेश में जंगलों में आग लगने के मामलों में कमी आई है। उन्होने बताया कि साल 2010 में आग लगने के 497 मामले सामने आए थे जबकि साल 2011 में इनकी संख्या में 50 फीसदी से भी अधिक की कमी आई है जिससे यह संख्या कम होकर 245 हो गई है। धूमल ने कहा कि वर्ष 2011 में पांच सौ किलो की भुक्की पकड़ी गई है।

धूमल ने सदन को बताया कि हिमाचल प्रदेश देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर होम गार्डों को पुलिस भर्ती, वन गार्ड और जेल वार्डन की भर्ती में 15 फीसदी का आरक्षण दिया जाता है। साथ में फायर मैन की भर्ती में सौ फीसदी के आरक्षण का प्रावधान है। धूमन ने कहा कि हिमाचल ही देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर होम गार्ड को पूरे 58 साल तक सेवा करने का अवसर दिया जा रहा है।

धूमल ने बताया कि हिमाचल में प्रति लाख व्यकित की तुलना में पुलिस की दर  247 है जबकि देश में 130 है। हिमाचल में मामलों को निपटाने की दर 80 फीसदी है जबकि देश में यह दर 72 फीसदी है। धूमल ने बताया कि हिमाचल में अपराध की दर 195 फीसदी है जबकि चण्ड़ीगढ़ में यह 299 और हरियाणा में 240 फीसदी है। महिला अपराध की दर हिमचल में 15 फीसदी है जबकि देश में यह 18 फासदी और पड़ोसी राज्य हरियाणा में 22 फीसदी है।

मुख्यमंत्री के जवाव के बाद विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम ने विपक्ष के कटौती प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित करने के लिए रखा जोकि गिर गया।

HP cabinet give its nod to hike the salary of para medical staff

Shimla

Himachal Pradesh Cabinet in its Meeting held here on Tuesday granted permission to fill up 200 vacancies of Medical Officers in the Health and Family Welfare Department with a view to strengthen the health services network in the State. Out of 200 posts 125 posts shall be earmarked for Medical Officers with Post Graduate Degree and balance 75 for Medical Officers with MBBS Degree.
Chief Minister Prem Kumar Dhumal presided over the Meeting.
It was decided to increase contractual pay of different categories of para medical staff appointed in Health and Family Welfare Department through Rogi Kalyan Samities by 40 percent. Senior Laboratory Technician will now be getting Rs. 10,500 per month instead of Rs. 7,500; Radiographer to get Rs. 9,500 instead of Rs. 6,825; Operation Theatre Attendent to get Rs. 7,000 instead of Rs, 4,995; Medical Social Worker to get Rs, 12,200 instead of Rs. 8,700; Child Psychologist to get Rs. 15,150 instead of Rs. 10,830; Physics Technician to get Rs. 10,500 instead of Rs. 7,500; BT Health Visitor to get Rs, 9,250 instead of Rs. 6,000 and Physiotherapist to get Rs. 11,500 instead of Rs. 8,220, per month they were getting earlier.
It was also decided to provide 3 percent annual increment to the contractual employees in the Panchayati Raj Institutions. This is in fulfillment of the Budget Announcements made by the Chief Minister.
It was decided to recruit 142 drivers in Himachal Pradesh Road Transport Corporation on contract basis and also relax upper age limit in favour of 16 applicants who at the time of interview were otherwise eligible for the post and now crossed the recruitable age limit of 45 years.
It was decided to enhance the pay of Post Graduate doctors. First Year Students will now be getting Rs. 25,000 instead of Rs. 15,000; Second Year to get Rs. 27,000 instead of Rs. 16,000 and Third Year to get Rs. 30,000 instead of Rs. 17,000 per month they were getting earlier. Similarly Senior Resident (Post PG) of First Second and Third Year will now be getting Rs. 40,000, Rs. 42,500 and Rs. 45,000 respectively per month instead of Rs. 35,000 they were getting earlier. Interns of the Government Medical and Dental college will now be getting a monthly scholarship of Rs. 8,000 per month instead of Rs. 5,000 they were getting earlier.
It was decided to fill up 18 posts of Operation Theatre Attendants and One Neurologist in IGMC, Shimla.
It was also decided to provide a bimonthly fixed Mobile Phone payment of Rs. 350 under CUG Plan of BSNL to all Medical Officers working on regular basis w.e.f. April 1, 2012. This is in fulfilment of the Budget Announcement of the Chief Minister.
It was approved to exempt entry tax on newsprint used for printing of newspaper in the State during next financial year 2012-13 in larger public interest and also reduce Entry Tax rate on non-ferrous metals from ½ percent to 1.4 percent. This is in fulfilment of the Budget Announcement of the Chief Minister.
It was approved to reduce VAT from 13.75 to 5 percent on sweetmeats and milk products prepared and sold by manufacturers, milk federations and co-operative societies located in the State.

ENDS

 

राजोआणा के बहाने अकाली दल पंथक एजेंडे पर

चंडीगढ़। 
तात्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यारे बलेह्लंत सिंह राजोआणा की फांसी पर चली बहस के बहाने पंजाब की राजनीति एक बार फिर ेिह्लकास से पंथक एजेंडे पर लौट आई है। राजोआणा के साफ इनकार के बाद भी सत्तारूढ़ अकाली दल की उसे बचाने की सक्रियता से पंजाब में यह चर्चा आम हो गई है।
बलेह्लंत सिंह राजोआणा को 27 में फांसी की सजा सुनाई गई थी उसके बाद इस मसले को लगभग सभी ने भुला दिया था। 1 मार्च 2१२ को चंडीगढ़ की ेिह्लशेष सीबीआई अदालत ने उसे फांसी पर लटकाने के लिए डेथ ेह्लारंट जारी किया। इस पर पंजाब भर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। अकाल तख्त और अकाली दल भी इस चुप रहे। 14 मार्च को बादल मंत्रीमंडल के शपथग्रहण के बाद मुद्दा नई सरकार के गठन के उत्साह के नीचे दब गया।
जब 19 मार्च को कोर्ट ने दूसरी बार रिमाइंडर ेह्लारंट भेजा तो उसके बाद पंजाब में सब कुछ बदल गया। कोर्ट के इस दूसरे ेह्लारंट के बाद सिखों की सर्वोच्च आध्यात्मिक संस्था अकाल तख्त हरकत में आया। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह पटियाला जेल में राजोआणा से मिले। जत्थेदार ने राजोआणा को दया याचिका के लिए मनाने का प्रयास किया मगर ेह्लह नहीं माना।
बोह्लजूद इसके अकाल तख्त ने कट्टरेह्लादी सिख संगठनों के देह्लाब में बेअंत सिंह हत्या करने ेह्लाले मानेह्ल बम दिलोह्लर सिंह को शहीद और बलेह्लंत सिंह राजोआणा को जिंदा शहीद करार दिया। इतना ही नहीं अकाल तख्त ने हुक्मनामा जारी कर पंजाब सरकार और शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को आदेश जारी कर राजोआणा को बचाने के लिए प्रयास करने का आदेश दिया।
कट्टरेह्लादी सिखों के देह्लाब में आकर अकाली दल की कोर कमेटी ने एसजीपीसी के माध्यम से राष्ट्रपति से दया याचिका करने का फेसला लिया। कांग्रेस का समर्थन मिलने पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मामले पर ेिह्लधानसभा में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलने की बात कही हालांकि अकाली दल के इस तर्क का उसके गठबंधन सहयोगी भाजपा ने समर्थन नहीं किया।
अकाल तख्त के देह्लाब में अकाली दल के इस कदम ने पंजाब की राजनीति को ेिह्लकास से पंथक केंद्रित कर दिया है। पंजाब की लोगों ने जिस पंथक एजेंडे को भुलाकर अकाली दल को ेिह्लकास के नाम पर ेह्लोट दिया ेह्लह अब यहां की राजनीति पर होह्ली हो गया है।

कट्टरपंथियों का बंद आज, पंजाब में हाईअलर्ट
आतंकी बलेह्लतं सिंह राजोआणा की फांसी रोकने के लिए कट्टरपंथी सिख संगठनों और अकाली तख्त ने 28 मार्च को बंद का आह्वान किया है। सिख संगठनों ने इस दिन सभी केशधारियों को केसरिया पगड़ी और केसरिया दुपट्टा पहनने को कहा है। अकाल तख्त ने ेिह्लश्ेह्लभर के सभी सिखों को बलेह्लंत सिंह की कुर्बानी के लिए एक दिन अपना काम बंद करने को कहा है। अकाल तख्त साहिब ने इस मामले में दखल कर मामले को और संेह्लेदनशील बना दिया है। एेसी आशंका जताई जा रही है कि बलेह्लंत सिंह की फांसी न टलने की सूरत में पंजाब में हालात बिगड़ सकते हैं।

बंद को देखते हुए पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब भर में सुरक्षा व्येह्लस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य के पंाच प्रमुख शहरों जालंधर, अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और मोहाली में आरएएफ और सीआरपीएफ की 15 कंपनियां तैनात की गई है। अधसैनिक बलों ने इन शहरों में फ्लैगमार्च भी किया। प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।


HP’s lad Suresh Rana wins 25th Thunderbolt Sub-Himalayan Rally

Shimla

Himachal’s lad and winner of 13th Raid de Himalaya Rally, Suresh Rana with his team-mate Ashwin Naik successfully defended their top position and were declared the winners in the Gypsy category of the 25th SJOBA-Thunderbolt Sub-Himalayan Rally. Just 3 seconds behind, the Indian Army Team of Amrinder Singh Brar and Vijaypal Singh took the second position while the team of Harpreet Singh Bawa and Virender Kashyap came in third. The team trophies were taken by the Thunderbolt and the Indian Army teams. This was announced by, President SJOBA Shivneet Singh here on Tuesday.
Over the past two days, the rallysist drove over 540 kilometres, a majorpart of which was in Himachal Pradesh. After being flagged off  from St. Johns School, Chandigarh, the rallyists raced to Trilokpur and then to Morni from where they reached Badisher. They then sped on to Thapli, Mallah, Bhojnagar, Ashinikhad and Jhaja to reach Chail Palace, where they had Lunch.  From there they moved to Chalanda, Tehra and Koti Villge to
reach Koti Resorts, where the Leg ended.

Giving details of the other results, Mr. S P S Ghai, Clerk-of-the-Course said, “In the Cars category, the team of Dhirender Kumar and Honey Narula outclassed the other competitors and took the top position while the team of Udai Bir Sidhu and Simran Sangha came in second. In third position was the team of  Jagbir Nirwan and Shivkaran Mokha.
In the Bikes category, M S Prince Singh  was first, Umang Saxena second while the third slot was taken by Ashwin Kataria.
In the Time, Speed and Distance (TSD) Category, the team of Suneesh Kumar and Dheeraj Arora drove away with the top position while Ganesh Murthy and T Nagarajan came second.

A visibly satisfied Suresh Rana said, “We had won the SJOBA Rally last year and led all the way this year too. In fact, in the final stage we had a puncture, but we decided to carry on and still managed to drive with the flat tyre and reach the checkpost. It’s a great feeling to win the SJOBA Rally again.”
The winners will be presented their trophies and cash prizes at a
glittering ceremony to be held at the Chandigarh Club.   The total prize money is Rs. 200,000.

ENDS

रतिया क्षेत्र की तिल्लेदार पंजाबी जूती की विदेशों में भी धाक

चंडीगढ़।
पुराने जमाने की तरह आज भी पंजाबी जूती अपनी पूरी चमक बिखेर रही है। जिला फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र की पंजाबी जूती की मंाग विदेशों में भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। रतिया क्षेत्र के लोग जो कनाडा, अमेरिका, जापान, जर्मनी, इटली आदि देशों में रहते हैं, वे ज्यादातर विदेशी दोस्तों को पंजाबी जूती ले जाकर देते है। यह जानकर अति हर्ष होगा, कि इंसान के स्वास्थ्य के लिए बड़ी लाभदायक होती है, वहीं चिकित्सकों के अनुसार बल्ड प्रैशर व शूगर जैसी कई बिमारियों के लिए ये जूती फायदेमंद साबित होती है, क्योंकि जूती पहनने से एड़ी के नीचे बढ़ी हुई चमड़ी इंसान के शरीर में अपने आप एक्यूपै्रशर का काम करती है। जिससे व्यक्ति के शरीर का बल्ड प्रैशर सामान्य रहता है, इतना ही नहीं अपनी अलग चमक बिखेरने वाली तिल्लेदार पंजाबी जूती पंजाब राज्य के सीमा पर बसे हरियाणा के रतिया शहर में बनने वाली ये जूती विदेशों में भी मशहूर है। विवाह के समय तो इन पंजाबी जूतियां खरीदने वालों की दूकानों पर काफी भीड़ देखने को मिलती है और खरीददार इन पंजाबी जूतियों में नए-नए डिजाइनों की मांग करते है।
रतिया के पाल जूती मैकरज के मालिक बताते हैं कि पूरानें समय में राजा-महाराजाओं की ये विशेष पंसद होती थी। बदलते फैशन के दौर में कई नामी कंपनियां अपने उत्पाद उपलब्ध करवा रही है व भिन्न-भिन्न आकर्षक मुद्राओं में ये बाजार में उतारी हुई है। दिसौदिया जूती मैकरज के मालिक बताते है कि रतिया की पंजाबी तिल्लेदार जूती अपना एक अलग स्थान बनाती जा रही है। आजकल के दुल्हों व दुल्हनों की पैरो की शान रखने वाली ये जूतियां जहां जूती बनाने वाले कारीगरों के व्यवसाय को बढ़ावा दे रही है, वहीं दिन-प्रतिदिन इनकी मांग बड़ती जा रही है। विशेषकर तिल्ले की कढ़ाई वाली जूती इन सभी जूतियों में अलग पहचान बनाए हुए है। रतिया क्षेत्र में इस व्यवसाय से 25० के लगभग कारीगर जुडे हुए हैं जो प्रतिदिन अपनी मेहनत से 5०0 से 8०0 रूपए तक की कमाई करते हैं। इन जूतियों की मांग बढऩे के कारण जूती व्यवसाय में काफी इजाफा हुआ है तथा इस व्यवसाय में लगे हुए लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठा है।